18HREG321 अपडेट…लिवर बीमारी से बचाव के लिए समय रहते उपचार जरूरी
देहरादून, 18 अप्रैल (हि.स.)। लिवर की बढ़ती की बीमारियों और सेहत बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। ऐसे में फैट वाले भोजन से परहेज के साथ नियमित अंतराल पर बॉडी चेकअप के माध्यम से इस अंग की स्थिति की निगरानी कर स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर लिवर की देखभाल सही कर सकते हैं ।
मंगलवार को विश्व लिवर डे के तहत मैक्स अस्पताल के चिकित्सकों ने पत्रकारों से बातचीत में लिवर बीमारी से बचाव की जानकारी दी। इस दौरान लिवर से जुड़ी कोई समस्या या बीमारी न केवल पाचन तंत्र को प्रभावित करती है, बल्कि गुर्दे, फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क के कार्य कर भी असर डालती है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि एक 69 वर्षीय रोगी के लीवर से कैंसर की कोशिकाओं को हटाने के लिए रेडिकल कंप्लीटेशन कोलेसिस्टेक्टोमी सफल उपचार किया गया। इस मरीज के लिवर कैंसर का पता तब पता चला जब वह अस्पताल में गॉलब्लैडर सर्जरी के लिए आई थी। सर्जरी के दौरान, डॉक्टरों ने उसके गॉलब्लैडर की थैली के चारों ओर एक बड़ा ऊतकों का समूह देखा जो की सामान्यता नहीं दिखाई नहीं दे रहा था। यह प्रक्रिया एक सर्जिकल जीआई ऑन्कोलॉजिस्ट की ओर से की गई थी, जिसमें लिवर और आसपास के ऊतकों के एक हिस्से को सफलतापूर्वक हटा दिया था और रोगी का जीवन बच गया।
डॉ. विशाल निधि कुलश्रेष्ठ, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और हेपेटोपैंक्रिएटोबिलरी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ने बताया कि मरीज को पिछले तीन महीनों से पेट में गंभीर दर्द हो रहा था और कई डॉक्टरों से परामर्श लेने और दवाइयां लेने के बाद भी यह दर्द कम नहीं हो रहा था। पहले वह गॉल स्टोन हटाने की सर्जरी के लिए अस्पताल आई थी। ऊतकों के इस समूह के मूल्यांकन के बाद पता चला कि यह कैंसर था और लिवर और अन्य क्षेत्रों में फैल सकता था। कैंसर को शरीर में फैलने से रोकने के लिए उन्हें जल्दी इलाज करना होगा।
उन्होंने बताया कि स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम की मदद से लिवर को हेल्दी रखा जा सकता है। हेपेटाइटिस-ए और हेपेटाइटिस-बी के लिए टीका जरूर लगवाएं। अल्कोहल आदि के सेवन से भी लिवर को नुकसान पहुंचता है। इसलिए धूम्रपान न करें।
डॉ. मयंक नौटियाल, कंसल्टेंट, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी ने कहा, लिवर क्लीनिक लिवर फिजिशियन और सर्जन दोनों उपलब्ध कराता है। क्लीनिक इस क्षेत्र में प्रत्येक रोगी के लिए अलग-अलग उपचार योजना प्रदान करता है, जिसमें लिवर रोग का बेहतर इलाज और उनमें जागरूकता बढ़ाने का काम करता है।
डॉ. करमजोत सिंह बेदी-कंसल्टेंट-गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी, ने कहा कि जागरूकता से लिवर की बीमारी से निजात पाया जा सकता है। बशर्ते समय रहते मरीज अपना उपचार करा लें।