07HREG164 आईटीबीपी के 55 युवा चिकित्सा अधिकारी मुख्य धारा में शामिल
-चाइना बॉर्डर चैलेंज के लिए बहादुरी से निपटने के लिए तैयार बैठे हैं जवान: मनोज रावत
मसूरी, 07 अप्रैल (हि.स.)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी (आईटीबीपी) में 06 माह के कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरान्त शुक्रवार को 12 महिला चिकित्सा अधिकारियों सहित कुल 55 सहायक सेनानी चिकित्सा अधिकारी बल की मुख्यधारा में शामिल हुए। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि अपर महानिदेशक मनोज सिंह रावत ने कहा कि आईटीबीपी जवान चाइना बॉर्डर चैलेंज से बहादुरी से निपटने के लिए तैयार बैठे हैं।
प्रशिक्षण उपरान्त आयोजित भव्य दीक्षांत और शपथ ग्रहण समारोह में युवा चिकित्सा अधिकारियों ने संविधान व बल के प्रति निष्ठा और समर्पण की शपथ ली। पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि अपर महानिदेशक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल मनोज सिंह रावत ने नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि भारत-तिब्बत पुलिस बल का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। बल की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए बल का नाम रोशन करने की जिम्मेदारी है। हाई एल्टीट्यूड में जवानों को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक करते हुए उनको स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित भी करना है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा हो इस पर जोर दिया जा रहा है। आज की पासिंग आउट परेड में कुल 12 महिला चिकित्सा अधिकारी भी पास आउट हुईं। बल की हिम विरांगना अब सीमा चौकियों पर भी बड़ी मुस्तैदी से सुरक्षा कर्तव्यों का निर्वाह कर रही हैं। इससे हमारे बल में नारी सशक्तिकरण और महिलाओं के चिकित्सा तंत्र को और मजबूती मिलेगी।
रावत ने कहा कि आईटीबीपी के लिए चाइना बॉर्डर के चैलेंज हैं। वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। नव नियुक्त अधिकारियों का प्रशिक्षण दो जगहों पर हुआ। मैदान में अलवर में और पहाड़ी क्षेत्र में मसूरी में प्रशिक्षण कराया गया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में 7 बटालियन और जोड़ी जा रही है। एक सेक्टर और 7 बटालियन में 47 डीओपी बॉर्डर ऑफ पोस्ट, 20 स्ट्रेजिंग कैम्पस बनाये जा रहे हैं। सरकार ने हाल में ही डीओपी बॉर्डर आफ पोस्ट स्वीकृत किया है। जिसके बाद चाइना बार्डर पर फोर्स का मैनेजमेंट के साथ बेहतर सुरक्षा हो पायेगी।
अपर महानिदेशक ने ई-अमोघ पत्रिका का विमोचन किया। इस ई-पुस्तक में उपरोक्त कोर्सों के अब तक के सफर का संग्रहण किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी को उच्च दर्जे के प्रशिक्षण के लिए जाना जाता है। जिसके लिए इस अकादमी को राष्ट्रीय स्तर पर अधिकारी प्रशिक्षण केन्द्रों की श्रेणी में बीपीआरएण्डडी द्वारा वर्ष 2016-17 एवं 2021-22 के लिए 02 बार सर्वश्रेष्ठ पुलिस प्रशिक्षण संस्थान हेतु यूनियन होम मिनिस्टर ट्रॉफी से नवाजा गया है।
प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को स्वार्ड ऑफ ऑनर व विजेता ट्राफियों से सम्मानित किया गया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का बैंड डिस्प्ले आकर्षण का केन्द्र रहा। 52वें जीओ कम्बैटाइजेशन कोर्स के श्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी- सहायक सेनानी एमओ चन्द्रशेखर दास ऑल राउंड बेस्ट ट्रेनी, सहायक सेनानी एमओ पुनीत भगत बेस्ट आउटडोर बेस्ट इन इनडोर।
पास आउट चिकित्सा अधिकारी: राजस्थान से 16, केरल से 07, पंजाब से 05, हरियाणा एवं आंध्र प्रदेश से 4-4, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु एवं तेलंगाना से 3-3, कर्नाटक से 02, मध्यप्रदेश, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, ओडिशा, असम, त्रिपुरा एवं मणिपुर से 1-1 प्रशिक्षणार्थी हैं।