मेधावी छात्र अपने अंदर विकसित करें नेतृत्व की क्षमता : राज्यपाल

21HREG259 मेधावी छात्र अपने अंदर विकसित करें नेतृत्व की क्षमता : राज्यपाल

– आने वाला समय ज्ञान-विज्ञान और अनुसंधान का है : राज्यपाल

– अमृतकाल में देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर

-राज्यपाल ने छह शोधार्थियों को ‘गवर्नर्स रिसर्च अवॉर्ड’ से सम्मानित किया

-पथ प्रदर्शक कार्यक्रम के अन्तर्गत 49 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति

देहरादून, 21 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि मेधावी छात्र अपने अंदर नेतृत्व की क्षमता पैदा करते हुए अपने प्रयासों से राष्ट्र और समाज के निर्माण में योगदान दें। कहाकि आने वाला समय ज्ञान, विज्ञान एवं अनुसंधान का है।

छह शोधार्थी ‘गवर्नर्स रिसर्च अवॉर्ड’ से सम्मानित

शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह शोधार्थियों को ‘गवर्नर्स रिसर्च अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। इस दौरान ‘पथ प्रदर्शक’ कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न संस्थानों में अध्ययनरत 49 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्तियां प्रदान की गयी। इसके अलावा प्रदेशभर की 23 सामाजिक व शैक्षणिक संस्थाओं को आर्थिक सहायता भी दी गई।

ज्ञान-विज्ञान के बल पर विकास और उन्नति को हासिल करें युवा

कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सभी रिसर्च स्कॉलर्स और मेधावी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि ज्ञान, विज्ञान के बल पर जीवन को सरल और सुगम बनाकर विकास और उन्नति को हासिल किया जा सकता है।

आज विश्व शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा भारत

राज्यपाल ने कहा कि भारत आज अपने प्रतिभावान शोधार्थियों और वैज्ञानिकों के बूते विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। आज विश्व शक्ति के रूप में भारत स्थापित हो रहा है। जिसमें हमारे शोध और अनुसंधान का महत्वपूर्ण योगदान है।

अमृतकाल में देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर

उन्होंने कहा कि भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और इस अमृतकाल में देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी हमारे युवाओं के कंधों पर है। आज की हमारी उपलब्धियां हमारे युवाओं के असीमित उत्साह, ऊंचे हौसलों और दृढ़ संकल्प के बल पर ही हासिल हो रही हैं।

राज्यपाल ने कार्यक्रम में मौजूद मेधावी छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें अध्ययन के दौरान कभी भी अन्य शैक्षणिक संसाधनों की आवश्यकता होगी तो उसे पूरा करने का प्रयास किया जायेगा।

राज्यपाल ने प्रदेश के विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को उनकी निःस्वार्थ भाव से की जा रही सेवा और जनहित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही कहा कि भविष्य में वे और व्यापक स्तर पर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन ने ‘गवर्नर्स रिसर्च अवॉर्ड, पथ प्रदर्शक छात्रवृत्ति एवं सामाजिक संस्थाओं’ को दी जाने वाली आर्थिक सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान,जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी वि.वि के कुलपति प्रो. मनमोहन सिंह चौहान, दून वि.वि की कुलपति प्रो.सुरेखा डंगवाल,पूर्व कुलपति देव सुमन वि.वि प्रो.पी.पी.ध्यानी, उप सचिव एन.के.पोखरियाल,अनुसचिव गजेन्द्र नौटियाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वित्त नियंत्रक डॉ.तृप्ति श्रीवास्तव की ओर से किया जायेगा।

इन्हें मिला ‘गवर्नर्स रिसर्च अवॉर्ड’

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार डॉ.अचलेश देवरे सहायक प्राध्यापक दून विश्वविद्यालय, द्वितीय पुरस्कार डॉ.अनिल कुमार, सहायक प्राध्यापक यूपीईएस एवं तृतीय पुरस्कार डॉ. सुरेन्द्र सिंह, सहायक प्राध्यापक दून विश्वविद्यालय, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान में प्रथम पुरस्कार डॉ.श्वेता सूरी, जी.बी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी वि.वि पंतनगर, द्वितीय पुरस्कार डॉ. ऐश्वर्य प्रताप,दून वि.वि व तृतीय पुरस्कार डॉ. राशि मिश्रा सहायक प्राध्यापक दून विवि को प्रदान किया गया।