18HREG332 नॉलेज आफ स्किल है रोजगार का अच्छा साधन : अनुराग
हरिद्वार, 18 अप्रै(हि.स.)। राष्ट्रीय इलैक्ट्रोनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, भारत सरकार एवं एस.एम.जे.एन. पी.जी. काॅलेज के संयुक्त तत्वावधान में आज ’कोविड-19 : वैश्विक महामारी रोकथाम’ सम्बन्धी एक वर्कशाॅप हुई।
डाॅ. अनुराग कुमार, निदेशक, राष्ट्रीय इलैक्ट्रोनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, भारत सरकार ने वैश्विक महामारी कोविड-19 तथा साइबर क्राइम की चर्चा करते हुए बताया कि बचाव ही कोविड-19 का इलाज है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम और कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नॉलेज आफ स्किल रोजगार का एक अच्छा साधन हो सकता है। नयी टैक्नोलाॅजी के उपयोग का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने आपसी सम्बन्धों को महत्व दिया, इसलिए अपने परिजनों, साथियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखें।
राष्ट्रीय इलेक्ट्रोनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के डाॅ. अखिलेश कुमार ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर सजग हो जाने की अपील की। निखिल रंजन ने कोविड-19 के लिए तकनीकि किस प्रकार सहायक हो सकती है, की जानकारी दी। उन्होंने आरोग्य ऐप, आभा ऐप, सीनियर सीटिजन हेल्पलाइन नम्बर की विस्तार से जानकारी दी।
काॅलेज के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि कोविड-19 काल में मानवता की सच्ची सेवा, प्रशासन और शासन की मद्द करने पर काॅलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री महन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज को ‘मदर आफ उत्तरखण्ड’ के नाम से नवाजा गया। प्रो. बत्रा ने कहा कि हम विद्यार्थियों का चहुंमुखी विकास करना चाहते हैं, नाइलैट के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए कुछ नये एड आन कोर्सेज चलाने के लिए प्रयासरत हैं। इस माध्यम से उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के मध्य रिक्तता में सामंजस्य स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस हेतु महाविद्यालय में कम्प्यूटर लैब का नवीनीकरण भी किया गया। चिकित्सक डाॅ. प्रदीप त्यागी ने कहा कि 60 वर्ष से ऊपर के लोग कोरोना से अधिक प्रभावित हुए हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विनय थपलियाल डाॅ. मोना शर्मा, डाॅ. मिनाक्षी शर्मा, डाॅ. रश्मि डोभाल, डाॅ. आशा शर्मा, डाॅ. पदमावती तनेजा, डाॅ. महिमा नागयान, डाॅ. लता शर्मा, डाॅ रेनू सिंह, डाॅ. पल्लवी, डाॅ. रजनी सिंघल, वन्दना सिंह, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय सहित अनेक शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित थे।