गाडू घड़ा (तेल कलश) का बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर किए दर्शन

13HREG122 गाडू घड़ा (तेल कलश) का बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर किए दर्शन

-बैंडबाजों के साथ यात्रा श्रीनगर के लिए हुई रवाना

– 27 अप्रैल को प्रात: 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे, श्री बदरीनाथ धाम के कपाट

ऋषिकेश, 13 अप्रैल (हि.स.)। बद्रीनाथ मंदिर में भगवान को लेपन किए जाने के साथ ज्योत में जलने वाले तिल तेल के गाडू घड़े के ऋषिकेश में पहुंचने पर स्थानीय नागरिकों ने पूजा अर्चना कर दर्शन किए। इसके बाद गाडू घड़े की यात्रा बैंड बाजों के साथ श्रीनगर के लिए रवाना हो गई।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को नरेंद्र नगर स्थित राजमहल में महारानी के साथ सुहागिन महिलाओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद तिल का तेल निकाल कर गाडू घड़ा ऋषिकेश पहुंचा था, जिसे डिमरी समाज के लोगों को राजा मनु जयेंद्र शाह और महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह, राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने सौंपा था। इसे ऋषिकेश स्थित मंदिर समिति के चेला चेतराम धर्मशाला में दर्शनार्थ रखा गया।

श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष ,श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति बीकेटीसी के सदस्य आशुतोष डिमरी ने यह बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को प्रात: 7 बजकर 10 मिनट पर विधि-विधान से खुल जाएंगे। ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, डिम्मर होते हुए तेल कलश यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 26 अप्रैल शाम को बदरीनाथ धाम पहुंच जायेगी। कपाट खुलने के अवसर पर गाडू घड़ा के तिलों के तेल से भगवान बदरीविशाल का छह माह तक यात्रा काल में अभिषेक किया जायेगा।

पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष विनोद डिमरी ने बताया कि तेल कलश यात्रा प्रथम चरण में गुरुवार को प्रात: से दोपहर तक चेला चेतराम धर्मशाला में रुकी थी, जहां भोग एवं पूजा के पश्चात तेल कलश श्रीनगर गढ़वाल रात्रि प्रवास को प्रस्थान करेगा। 14 अप्रैल को तेल कलश श्रीनगर से लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगा। 23 अप्रैल तक श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर में तेल कलश की पूजा की जायेगी। द्वितीय चरण में 24 अप्रैल को तेल कलश श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगा। 25 अप्रैल को आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी सहित रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी के साथ गाडू घड़ा योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगा।

26 अप्रैल को पांडुकेश्वर से आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी और रावल जी के साथ ही श्री उद्धवजी श्री कुबेर जी के साथ गाडू घड़ा श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगा। 27 अप्रैल प्रात: सात बजकर 10 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ खुलेंगे।

डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी सहित उपाध्यक्ष भाष्कर डिमरी, महामंत्री भगवती डिमरी, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष विनोद डिमरी, वरिष्ठ सदस्य हरीश डिमरी, ज्योतिष डिमरी, विपुल डिमरी, प्रशांत डिमरी, टीका प्रसाद डिमरी, दिनेश डिमरी, नरेन्द्र प्रसाद डिमरी, अनुज डिमरी हेमचंद्र डिमरी, मनोज डिमरी आदि गाडू घड़ा यात्रा हेतु मंदिर समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूजा अर्चना के साथ भजन कीर्तन में प्रतिभाग किया।