तंबाकू नियंत्रण में स्टेक होल्डर्स की भूमिका पर हुई कार्यशाला

02HREG116 तंबाकू नियंत्रण में स्टेक होल्डर्स की भूमिका पर हुई कार्यशाला

गोपेश्वर, 02 मार्च (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग चमोली की ओर से गुरुवार को चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में स्टेक होल्डर्स की भूमिका विषयक कार्यशाला हुई।

कार्यशाला में जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ चमोली एवं बालाजी सेवा संस्थान देहरादून की टीम की ओर से सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पादन (कोटपा) अधिनियम-2003 के बारे में विभाग के प्रतिनिधि की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यशाला में बालाजी सेवा संस्थान के डिवीजनल को-आर्डिनेटर अजीत सिंह ने तम्बाकू नियंत्रण एवं कोटपा एक्ट-2003 की पूर्ण जानकारी दी गयी। डॉ. अनुराग बिष्ट ने तम्बाकू उत्पादों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तम्बाकू उत्पाद से शरीर में अनेक प्रकार के कैंसर, अल्सर, टीबी, लकवा, नपुंसकता, गर्भवतियों से मृत बच्चे का जन्म होना, अस्थमा, असामान्य रक्तचाप आदि गम्भीर बीमारियां हो सकती हैं। इस दौरान शिक्षा विभाग, समाज कल्याण, प्रोद्योगिकी कालेज, पुलिस विभाग, गैरसरकारी संगठनों, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि शामिल रहे।