फैमिली आईडी, एक परिवार-एक पहचान योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण

01HREG369 फैमिली आईडी, “एक परिवार-एक पहचान योजना” के क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण

-स्वयं या सीएससी सेन्टर के माध्यम से इन प्रक्रियाओं के तहत बेवसाइट “फैमिली आईडी डॉट यूपी डॉट गर्वनमेंट डॉट इन” पर पंजीकरण करा सकते हैं

वाराणसी, 01 मार्च (हि.स.)। “फैमिली आईडी, एक परिवार-एक पहचान योजना” के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में बुधवार को विकास भवन स्थित सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जनपद के सभी खण्ड विकास अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों की मौजूदगी में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया गया।

सीडीओ ने योजना के प्रतिदिन प्रगति पर उच्चाधिकारियों को समुचित पर्यवेक्षण रखने को कहा। उन्होंने बताया कि फैमिली आईडी का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत आच्छादित करना, डुप्लीकेट या फर्जी लाभार्थियों को हटाना, छूटे हुए लाभार्थियों और जरूरतमंद परिवारों की प्राथमिकता के आधार पर पहचान, सरकार की सभी योजनाओं का संतृप्तीकरण एवं लाभों के लक्षित वितरण के लिए सभी विभागों का एकीकरण करना है। उन्होंने बताया कि फैमिली आईडी प्रत्येक परिवार के लिए 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है, जिसमें परिवार के सदस्यों का विवरण दिया होगा। फैमिली आईडी डेटाबेस योजनाओं में पात्रता निर्धारित करने तथा लाभ से वंचित पात्र लाभार्थियों को लाभ देने के लिए केन्द्रीय भण्डार के रूप में कार्य करेगा।

फैमिली आईडी एक स्वैच्छिक सेवा है, केवल वे परिवार जो यूपी/केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहें है या लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें पंजीकरण कराने की आवश्यकता हो सकती है। उन परिवारों का फैमिली आईडी कार्ड बनाया जाना है, जो राशन कार्ड धारक नहीं है। साथ ही यह भी बताया गया कि जिन परिवारों का राशनकार्ड पूर्व से बना हुआ है, उनका राशनकार्ड संख्या ही फैमिली आईडी संख्या है।

सीडीओ ने बताया कि आवेदक द्वारा विभिन्न चरणों में स्वयं या सीएससी सेन्टर के माध्यम से इन प्रक्रियाओं के तहत बेवसाइट पर पंजीकरण किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान सभी लेखपालों एवं सचिव, ग्राम पंचायतों को सत्यापन किये जाने से सम्बन्धित सभी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (नगर), अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) व मुख्य राजस्व अधिकारी वाराणसी तथा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर भी उपस्थित रहे।