शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य की प्रामाणिकता पर देना चाहिए विशेष ध्यान: सुनील कुमार उपाध्याय

05HREG65 शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य की प्रामाणिकता पर देना चाहिए विशेष ध्यान: सुनील कुमार उपाध्याय

कानपुर, 05 मार्च (हि.स.)। शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य की प्रामाणिकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए और इसके लिए संबंधित साहित्य के गंभीरतापूर्वक अध्ययन पर विशेष बल दिया। यह बात रविवार को “शैक्षिक अन्वेषण के उपागम तथा उसके चरण” शीर्षक पर आयोजित एक दिवसीय व्याख्यान में मुख्य अतिथि डीबीएस महाविद्यालय के प्रोफेसर सुनील कुमार उपाध्याय ने कही।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनुसंधान की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डालते हुए अनुसंधान के विभिन्न महत्वपूर्ण चरणों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य की प्रामाणिकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि गोरे ने बताया कि विभाग द्वारा अनुसंधान पर केंद्रित अतिथि व्याख्यानों की एक शृंखला आयोजित की जा रही है और इस प्रकार के कार्यक्रमों का आगे भी आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयक डॉ रत्नर्त्तु: मिश्रा द्वारा किया गया। डॉ. रश्मि गोरे ने बताया कि सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो.विनय पाठक की प्रेरणा से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. कल्पना अग्निहोत्री, डॉ. विमल सिंह, डॉ. रजनीश अग्रहरि, श्रीमती प्रिया तिवारी, कुलदीप सिंह आदि उपस्थित रहे।