01HREG29 39 वर्षों की देश सेवा के बाद सेना से सेवानिवृत्त हुए जनरल योगेन्द्र डिमरी
जोशीमठ, 01 मार्च (हि.स.)। सेना की मध्य कमान के कमांडर इन चीफ परम विशिष्ट सेवा मैडल, विशिष्ट सेवा मेडल व सेवा मैडल से विभूषित ले. जनरल योगेन्द्र डिमरी 39 वर्ष 2 महीने की लंबी सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए हैं। सेन्ट्रल कमांड मुख्यालय लखनऊ में सेना के अधिकारियों व जवानों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।
सीमान्त जनपद चमोली के जोशीमठ नगर के रविग्राम निवासी ले0 जनरल डिमरी सैन्य पृष्ठभूमि से आते हैं, इनके पिता स्व0 मेजर भुवन चन्द्र डिमरी सेना की गढ़वाल राइफल्स एवं ऑर्डिनेंस कोर में रहे हैं। इनके छोटे भाई नौ सेना में और बहन चिकित्सक के पद पर सेना में सेवारत थे जबकि बहनोई सेना में ही चिकित्सक के पद पर सेवारत हैं।
उन्तालिस वर्षों तक देश की सेवा करने वाले उत्तराखंड के वीर सपूत जनरल योगेन्द्र डिमरी ने 17 दिसम्बर 1983 “द बम्बई सैपर्स” में कमीशन प्राप्त किया। राष्ट्रीय सैन्य अकादमी पुणे व भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में प्रशिक्षण दौरान ऑर्डर ऑफ मैरिट में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से नवाजे गए।
सेना में विशिष्ट सेवाओं के दौरान जनरल डिमरी ने पश्चिमी बार्डर असाल्ट इंजीनियर रेजीमेंट,इंजीनियर ब्रिगेड,लाइन ऑफ कंट्रोल पर इन्फेंट्री ब्रिगेड,काउंटर इन्फिल्टरेशन एवं काउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशन में काउंटर इंसरजेंसी फोर्स के साथ रेगिस्तान में स्ट्राइक कोर का नेतृत्व किया। जनरल योगेन्द्र डिमरी कंबोडिया के यूएस मिशन मे मिलट्री ऑब्जर्वर के रूप में भी कार्यरत रहे।
जनरल योगेन्द्र ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से बीएससी व बीटेक की उपाधि हासिल करने के बाद मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में स्नातकोत्तर और राष्ट्रीय विश्वविद्यालय ढाका-बांग्लादेश से रक्षा एवं युद्धनीतिज्ञ विषय से पीजी किया,इन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से ही रक्षा अध्ययन में एमफिल की उपाधि हासिल की।