16HREG398 विधानसभा भवन कूच : पुलिस और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच घंटों चली जोर अजमाइश
-महिलाओं ने छुड़ाए पुलिस के पसीने, कुछ ने किया जंगल के रास्ते विधानसभा पहुंचने का प्रयास
-अंकिता हत्याकांड में वीआईपी के नाम सार्वजनिक करने को लेकर कर रही थीं प्रदर्शन
गोपेश्वर, 16 मार्च (हि.स.)। भराड़ीसैंण में विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को महिला कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड के दोषियों पर कार्रवाई और वीआईपी के नाम को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर विधानसभा कूच किया। कर्णप्रयाग और गैरसैंण के रास्ते दीवालीखाल पहुंची महिलाओं को यहां पर बने बैरियर पर पुलिस ने रोक दिया। यहां पर घंटों तक पुलिस और महिलाओं की तीखी नोकझोंक के साथ जोर अजमाइश चलती रही। पुलिस ने महिलाओं को गिरफ्तार कर बाद में उन्हें छोड़ दिया।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में करीब दो सौ से अधिक महिला कार्यकर्ता गैरसैंण और कर्णप्रयाग से विधानसभा के लिये रवाना हुईं। महिलाएं जहां जंगल चट्टी और कालीमाटी के बैरियर पार कर दीवालीखाल पहुंचीं। यहां पुलिस की ओर से महिलाओं को विधानसभा जाने से रोक दिया गया। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच जोर आजमाइश होती रही। इस बीच दो युवतियां और तीन महिलाएं जंगल के रास्ते विधानसभा की ओर जाने लगीं।
पुलिस के अधिकारियों और जवानों को जंगल के रास्ते विधानसभा की ओर निकलीं इन महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिये करीब आधा किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ी। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही अन्य कार्यकर्ताओं ने बैरियर पार करने की कोशिश की। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल का कहना है कि अंकिता हत्याकांड को लेकर सरकार दोषियों को बचाती नजर आ रही है। सरकार की ओर से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं करवाई जा रही है और पूरे प्रकरण में संलिप्त वीआईपी का नाम भी उजागर नहीं किया जा रहा है। उन्होंने शीघ्र मामले पर कार्रवाई न किये जाने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की बात कही है।
इस कूच में महिला कांग्रेस की कार्यकारी जिलाध्यक्ष ऊषा रावत, पुष्पा पंवार, इंदू पंवार, शशि सेमवाल, दिव्या रावत, एश्वर्या चौहान, राजेश्वरी देवी, अनीता देवी, विमला, गीता, आशा, बसन्ती देवी आदि शामिल थीं।