उज्जैन: मां सरस्वती के पूजन के लिए बसंत पंचमी पर 4 दुर्लभ योग

22HREG208 उज्जैन: मां सरस्वती के पूजन के लिए बसंत पंचमी पर 4 दुर्लभ योग

उज्जैन, 22 जनवरी (हि.स.)। इस बार बसंत पंचमी तिथि पर मां सरस्वती की पूजा के लिए दुर्लभ चार शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। ये हैं- शिव योग-सिद्ध योग-सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग। ये चारों योग बहुत ही शुभ होते हैं। मातंगी ज्योतिष ज्योतिर्विद पं. अजय व्यास ने बताया कि बसंत पंचमी पर्व पर शब्द-स्वर-ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पुजन का महत्व है। संपूर्ण जनमानस व प्रकृति के नवनिर्माण की इस ऋतु में उत्तरायण ग्रह परिवर्तन के साथ ऋतु परिवर्तन होता है।

विद्याभ्यास कराया जाता है इस दिन

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती का अवतरण माना जाता है। इसलिए इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान और विद्या प्राप्त होती है। इसे श्री पंचमी, ज्ञान पंचमी और मधुमास के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन संस्कारों में से अक्षर अभ्यास,विद्या आरंभ,यात्रा संगीत अर्थात बच्चों की शिक्षा से संबंधित कार्यों को किया जाता था। इस दिन किसी मांगलिक कार्य की शुरुआत करना भी शुभ माना जाता है।

26 जनवरी को है बसंत पंचमी

माघ माह की तिथि यानी उदयातिथि के अनुसार बसंत पंचमी 26 जनवरी को मनाई जाएगी। मां सरस्वती की प्रतिमा को पीले रंग के कपड़े पर स्थापित करें। उनकी पूजा में रोली,मौली,हल्दी,केसर,अक्षत पीले,सफेद रंग का फूल, पीली मिठाई आदि का प्रयोग करें। पूजा के स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबें रखें।

बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का महत्व

हर दृष्टि में सभी ऋतुओं में बंसत ऋतु को श्रेष्ठ माना जाता है। पीला रंग सकारत्मकता देह में स्फूर्ति,समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व बताया गया है।