जो ग्रन्थ नहीं पढ़ते उन्हें बोलने का हक नहीं : साध्वी निरंजन ज्योति

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हमीरपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति शनिवार को सुमेरपुर क्षेत्र के ग्राम बांकी के भूमानंद आश्रम गढ़ी में चल रही श्री रामनाम महायज्ञ में पहुंची। उन्हाेंने कहा कि जो ग्रंथ नहीं पढ़ते हैं, उन्हें हमारे ग्रंथों के बारे में बोलने का हक नहीं है। नूपुर शर्मा के खिलाफ फतवा जारी करने वाले कटोरा लेकर घूम रहे हैं, जबकि भारत का डंका पूरे विश्व में बज रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जिम्मेदारी का निर्वहन हमेशा सच्चे मन से होना चाहिए। समाज की सेवा किस तरह से की जाती है, यह संतों से सीखना चाहिए। जो सब कुछ समाज के लिए ही करते हैं। इसके बाद राम मंदिर न्यास के ट्रस्टी युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि शरीर में प्राण हैं तो प्राणी हो। जिसमें मन और इंद्रियां आ जाती हैं वह पशु हो जाता है।

जिसमें तन, मन, प्राण, इंद्रियां और बुद्धि इनका अभिमान खत्म हो जाता है। वह परमात्मा हो जाता है। कार्यक्रम को अखंड परमधाम संस्था के मुख्य संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयानंद महाराज आदि संतों ने संबोधित करते हुए मानव कल्याण के प्रति लोगों को सजग किया।