डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए गठित निगरानी समिति का नेतृत्व करेंगी मैरी कॉम

23HSPO16 डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए गठित निगरानी समिति का नेतृत्व करेंगी मैरी कॉम

नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) और उसके प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यीय निगरानी समिति गठित की है। जिसका नेतृत्व मैरी कॉम करेंगी।

सरकार द्वारा नियुक्त समिति अगले एक महीने के लिए कुश्ती निकाय के दिन-प्रतिदिन के मामलों का प्रशासन और प्रबंधन भी करेगी।

पैनल के अन्य सदस्यों में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और मिशन ओलंपिक सेल की सदस्य तृप्ति मुरगुंडे, पूर्व-टॉप्स सीईओ राजगोपालन और पूर्व साई कार्यकारी निदेशक राधिका श्रीमन शामिल हैं।

समिति की घोषणा खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को की।

डब्ल्यूएफआई और उसके प्रमुख के खिलाफ विनेश फोगट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और रवि दहिया सहित देश के कुछ शीर्ष पहलवानों के तीन दिवसीय धरने के बाद शनिवार को ठाकुर ने समिति बनाने का फैसला किया था। पहलवानों ने शुक्रवार देर रात ठाकुर के साथ दूसरे दौर की मैराथन वार्ता में सफलता मिलने के बाद अपना विरोध समाप्त किया।

ठाकुर ने कहा, “डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करेंगे और डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के मामलों से दूर रहेंगे। डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को ओवरसाइट कमेटी द्वारा उनकी अनिवार्य अवधि तक देखा जाएगा। समिति डब्ल्यूएफआई और उसके प्रमुख के खिलाफ आरोपों की गंभीर जांच भी करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “ओवरसाइट कमेटी विश्व चैंपियन मैरी कॉम की अध्यक्षता में होगी। उनके साथ, योगेश्वर दत्त, एमओसी सदस्य और द्रोणाचार्य अवार्डी तृप्ति मुर्गुंडे, पूर्व टॉप्स सीईओ राजगोपालन और पूर्व ईडी टीम, साई राधिका श्रीमन समिति का हिस्सा होंगे।”

उन्होंने आगे कहा,”अगले एक महीने में, यह समिति सभी पक्षों से बात करने के बाद यौन आरोपों और अन्य आरोपों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी। तब तक डब्ल्यूएफआई के सभी दिन-प्रतिदिन के फैसले और कामकाज इस समिति द्वारा देखे जाएंगे।”

मैरी कॉम और योगेश्वर दोनों डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ यौन उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा गठित सात सदस्यीय समिति का भी हिस्सा हैं।