26HREG175 पतंजलि योगपीठ में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस
हरिद्वार, 26 जनवरी (हि.स.)। पतंजलि योगपीठ में 74वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। पतंजलि के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव तथा संस्था के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने तिरंगा फहराकर समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। इसके पश्चात पतंजलि विश्वविद्यालय, पतंजलि गुरुकुलम् व आचार्यकुलम् के छात्र-छात्राओं तथा पराक्रम सिक्योरिटी के जवानों ने परेड कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि आजादी के 74वें गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प लें कि देश को आर्थिक गुलामी, लूट, तबाही, बर्बादी व दरिद्रता से बचा कर हम एक स्वस्थ, समृद्ध, संस्कारवान और परम वैभवशाली भारत का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा पतंजलि ने अब तक 5 लाख लोगों को रोजगार दिया है, आगे 5 लाख लोगों को और रोजगार देंगे। 5 लाख से ज्यादा स्कूलों को भारतीय शिक्षा बोर्ड से जोड़कर मैकाले की शिक्षा पद्धति का मोक्ष करके इस देश के बच्चों का चरित्र निर्माण करते हुए राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण का इतिहास गढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि देश में एक रिलीजियस टेरिरिज्म चल रहा है जो हिंदू सनातन धर्म को नीचे दिखाने में प्रयासरत है। शाश्वत वैज्ञानिक और सार्वभौमिक मूल्य ही सनातन है। सनातन धर्म पर जो तरह-तरह के लांछन लगाकर, कभी हमारे धर्म शास्त्रों का आश्रय लेकर, हमारे महापुरुषों के चरित्र पर लांछन लगाकर जो कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, यह सारे के सारे भारत विरोधी, राष्ट्र विरोधी, अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के इशारे पर भारत को कहीं ना कहीं अपमानित करने की चेष्टा कर रहे हैं, उनका पुरजोर विरोध सारे देशवासियों को करना चाहिए।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि इस देश की स्वतंत्रता के लिए 7 लाख से ज्यादा वीर-वीरांगनाओं ने अपने प्राणों को राष्ट्रसेवा में आहुत कर दिया। अब हमारा दायित्व है कि वीर, शहीदों, क्रांतिकारियों ने जिन सपनों के साथ इस देश का निर्माण किया उसको आगे बढ़ाने के लिए हम सदैव प्रयासरत रहें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को अपने जीवन में सर्वोच्च प्राथमिकता दो, अपने वैयक्तिक धर्म-हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि से पहले राष्ट्रधर्म को रखो। स्वदेशी शिक्षा, स्वदेश के संस्कार, स्वदेश की संस्कृति व अध्यात्म से प्यार करना सीखो, यही राष्ट्रवाद व राष्ट्रप्रेम की परिभाषा है। आचार्य ने कहा कि आज का दिन बसंत पंचमी का दिन भी है और बसंत पंचमी उत्सव व हर्ष का दिन है। इस गणतंत्र दिवस को बसंत उत्सव की तरह मनाएं क्योंकि वह हमारे जीवन में कल्याण करने वाला है।
पतंजलि से सम्बद्ध सभी सेवा प्रकल्पों के कार्यकर्ताओं व छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।