24HREG99 पूर्व विधायक संगठन के अध्यक्ष ने दी संगठन की जानकारी
देहरादून, 24 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री ने पूर्व विधायक संगठन के नाम से एक संगठन बनाया है, जिसका काम विधायकों और पूर्व विधायकों के माध्यम से प्रदेश के महत्वपूर्ण उपक्रमों को गति देना है।
मंगलवार को दून प्रेस क्लब में वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी ने पत्रकारों से वार्ता की और अपने पूर्व विधायक संगठन कार्यकारिणी का विस्तार किया। इसमें यमुनोत्री विधानसभा के विधायक केदार सिंह रावत को उपाध्यक्ष बनाया गया है जबकि उत्तरकाशी के पूर्व विधायक ज्ञान चंद को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल को महामंत्री बनाया गया है। तीन दिन पहले पूर्व विधायकों के सम्मेलन में लिये गये सुझाव को सरकार को सौंपा जाएगा। यह सुझाव 15 बिन्दुओं पर दिये गये हैं।
संगठन के अध्यक्ष लाखीराम का कहना है कि संगठन मानता है कि सेवामुक्त होने के बाद दुबारा नियुक्त होने वाले अधिकारियों को नियुक्ति न दी जाए। साथ ही साथ आउटसोर्स के माध्यम से दी गई नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगाया जाए। उनका कहना है कि उत्तराखंड क्षेत्र आपदाग्रस्त क्षेत्र है यहां के लोगों को विस्थापित नीति के तहत बसाया जाए। आग से होने वाली क्षति में लकड़ी के मकानों को भी आपदा नीति में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र लीक करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो। उत्तराखंड में भू कानून को सख्ती के साथ लागू किया जाए। पूर्व विधायक संगठन की मांग है कि हिमाचल की तरह ही राज्य में कानून लागू हो। इसी प्रकार प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण पर सरकार ठोस रणनीति अपनाए और मूल निवास अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। पलायन पर भी ठोस रणनीति बनाई जानी आवश्यक है। संगठन की मांग है कि भर्तियों में आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि आरक्षित वर्ग के लोगों को असुविधा न हो।
लाखीराम ने कहा कि इस संगठन में सभी पार्टियों के लोगों को शामिल किया जाएगा। इसका एक मात्र उद्देश्य है कि प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हों और एक राय बनाकर उसे सरकार को पहुंचाएं ताकि उसका लाभ सरकार को मिले। हमारे सदस्य अपनी अपनी पार्टियों में रहते हुए एक साथ मिलकर सरकार अपनी राय से अवगत कराएंगे।